21वीं सदी के कौशल और SEL पर बी.एड. विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र
श्री भारतीय आदर्श विद्यापीठ टी.टी. महाविद्यालय सरदारशहर -चुरू एवं स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के सयुंक्त तत्वाधान से महाविद्यालय के बी.एड. अध्यापक विद्यार्थियों हेतु एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गयी | प्राचार्य डॉ प्रमोद लाटा जी द्वारा भावी शिक्षकों को उदबोधन देकर कार्यशाला का आगाज किया | कार्यशाला में भविष्य के अध्यापको को NPST (नेशनल प्रोफ़ेशनल स्टैंडर्ड फ़ॉर टीचर्स) के अनुरूप तैयार करने के मुख्य उद्देश्य से सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षण और 21 वीं सदी के कौशलों को शिक्षण में कैसे समायोजित किया जा सकता है| इस कार्यशाला में सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षण (SEL) के अंतर्गत अपनी भावनाओं की पहचान करना, उन्हें समझाना एवं व्यक्त करने के बारे में चर्चा की, साथ ही शिक्षक को छात्रों की भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं को समझने की क्षमता, सहानुभूति (Empathy) और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना एवं कक्षा में सहयोग और सामुदायिक भावना विकसित करने कि कला को विकसित करना रहा |
21वीं सदीं की शिक्षण प्रक्रियाओं (जीवन कौशल आधारित) जिसमें संवाद कौशल, सहयोगात्मकता, समालोचनात्मक चिंतन एवं वित्तीय साक्षरता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गयी ताकि भविष्य के शिक्षकों को राष्टीय शिक्षा निति 2020 के अनुरूप तैयार किया जा सके |
एडइंडिया फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रभारी अनुरुपा एवं जयनेश द्वारा इस कार्यशाला को संपन्न किया | आदर्श महाविद्यालय प्राचार्य डॉ प्रमोद लाटा, के नेतृत्व में कार्यक्रम को संपन्न कराने हेतु डॉ ज्योत्सना शर्मा, डॉ उमेश शर्मा एवं डॉ गायत्री पारीख ने सहयोग प्रदान किया |
